आचार्य जगन्नाथ का अर्थ
[ aachaarey jeganenaath ]
आचार्य जगन्नाथ उदाहरण वाक्य
परिभाषा
संज्ञा- सत्रहवीं शताब्दी के दक्षिण भारत के एक प्रसिद्ध काव्यशास्त्री:"रसगंगाध आचार्य जगन्नाथ जी का काव्यशास्त्र पर अत्यन्त विद्वत्तापूर्ण लिखा हुआ प्रौढ़ ग्रंथ है"
पर्याय: आचार्य पण्डितराज जगन्नाथ, जगन्नाथ
उदाहरण वाक्य
- बाद के दिनों में आचार्य जगन्नाथ ने इसे और स्पष्ट करते हुए कहा कि रमणीय अर्थ के प्रतिपादक शब्द ही काव्य हैं।
- सुशील त्रिवेदी ) छंद प्रभाकर ( आचार्य जगन्नाथ प्रसाद 'भानु' रचित कृति - डॉ. सुशील त्रिवेदी),बाल कविता संग्रह- मैना की दूकान (शंभु लाल शर्मा वसंत), व्यंग्य संग्रह- कार्यालय तेरी अकथ कहानी (वीरेन्द्र सरल ) हिंदी के प्रथम साहित्य-शास्त्री- जगन्नाथ प्रसाद 'भानु' ( डॉ. सुशील त्रिवेदी ) , छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह (शिव कुमार पाण्डेय), गीत संग्रह (गीता विश्वकर्मा), संग्रह संस्थान की त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका पाण्डुलिपि का पांचवा अंक, कविता संग्रह टूटते सितारों की उड़ान (लक्ष्मी नारायण लहरे) कविता संग्रह सुगीत कलश (भागवत कश्यप) आदि प्रमुख कृतियाँ हैं ।
- सुशील त्रिवेदी ) छंद प्रभाकर ( आचार्य जगन्नाथ प्रसाद 'भानु' रचित कृति - डॉ. सुशील त्रिवेदी),बाल कविता संग्रह- मैना की दूकान ( शंभु लाल शर्मा वसंत ), व्यंग्य संग्रह- कार्यालय तेरी अकथ कहानी ( वीरेन्द्र सरल ) हिंदी के प्रथम साहित्य-शास्त्री- जगन्नाथ प्रसाद 'भानु' ( डॉ. सुशील त्रिवेदी ) , छत्तीसगढ़ी कविता संग्रह (शिव कुमार पाण्डेय), गीत संग्रह (गीता विश्वकर्मा), संग्रह संस्थान की त्रैमासिक साहित्यिक पत्रिका पाण्डुलिपि का पांचवा अंक, कविता संग्रह टूटते सितारों की उड़ान ( लक्ष्मी नारायण लहरे ) कविता संग्रह सुगीत कलश ( भागवत कश्यप ) आदि प्रमुख कृतियाँ हैं ।